हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के सुप्रीमो के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने 2019 लोकसभा चुनावों से पहले थर्ड फ्रंट (तीसरा मोर्चा ) बनाने की कवायद तेज कर दी है। इसी के चलते अब वो समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से बुधवार को मुलाकात करेंगे। दोनों नेता हैदराबाद के प्रगति भवन में फेडरल फ्रंट स्थापित करने को लेकर बातचीत करेंगे।
केसीआर इसी हफ्ते ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से भी मुलाकात करेंगे। इससे पहले 29 अप्रैल यानि रविवार को सीएम केसीआर ने DMK नेता और पूर्व सीएम करुणानिधि और स्टालिन से मुलाकात की थी। खबरों के मुताबित इस दौरान भी नेताओं के बीच 'तीसरा मोर्चा' बनाने के मुद्दे पर ही विस्तार से चर्चा हुई थी। सीएम केसीआर भोजन के कार्यक्रम पर DMK के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन के घर पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने करूणानिधि से मुलाकात की थी।
मुलाकात के बाद स्टालिन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि उनके बीच राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा हुई है। केसीआर ने धर्मनिरपेक्षता और संघीय मोर्चे पर बात की है। स्टालिन ने कहा था वो चंद्रशेखर राव के विचारों से पूरी तरह सहमत हैं और केंद्र से बीजेपी के सेक्यूलर सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए ममता बनर्जी की कोशिशों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि डीएमके के बाद तमिलनाडु में और भी कुछ दल हैं जो बीजेपी के खिलाफ गठबंधन में शामिल हो सकते हैं। हम उन पार्टियों के साथ सीएम केसीआर की तीसरे मोर्चे की विचारधारा को लेकर चर्चा करेंगे। DMK की उच्च स्तरीय समिति के साथ चर्चा करने के बाद वो केसीआर को जवाब देंगे।
केसीआर पिछले हफ्ते जनता दल सेक्युलर (JDS) के चीफ एचडी देव गौड़ा से भी मुलाकात कर चुके हैं। जिसके बाद उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और बीजेपी ने देश को बुरी तरह विफल कर दिया है। कांग्रेस और बीजेपी ने देश में 65 साल तक राज किया और वो देश चलाने में पूरी तरह विफल रहे।
जानकारी के मुताबिक राव पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मिल चुके हैं। उन्होंने कहा था कि हम दृढ़ हैं भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश होना चाहिए इसके लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं है। मार्च में मुलाकात के बाद ममता ने भी सभी विपक्षी दलों से एनडीए के खिलाफ मिलकर काम करने का आग्रह किया था।

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